चंद्रमा-शनि युति (Vish Yoga): 30 साल का अनुभव और असली सच!
चेतावनी: यह आर्टिकल कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है। अगर आप सच सुनने की हिम्मत रखते हैं, तभी आगे पढ़ें।
क्या आपको अक्सर भीड़ में भी 'अकेलापन' महसूस होता है?
क्या आपकी माँ के साथ आपका रिश्ता एक '2G नेटवर्क' जैसा है - कभी जुड़ता है, कभी नहीं?
क्या आपकी नौकरी और रिश्ते हमेशा 'अचानक' खत्म हो जाते हैं?
अगर हाँ, तो मुबारक हो (या सावधान हो जाइये), आपकी कुंडली में ज्योतिष का सबसे कुख्यात, सबसे डरावना और सबसे रहस्यमयी योग बन रहा है - चंद्रमा और शनि की युति (Moon Saturn Conjunction)।
आम ज्योतिषी इसे 'विष योग' (Vish Yoga)' कहकर डराएंगे। नाड़ी ज्योतिष वाले इसे 'पुनर्फू दोष' (Punarphoo Dosh) कहेंगे।
लेकिन आज मैं, आपको इसका वो सच बताऊंगा जो आपको किताबों में नहीं मिलेगा। क्या यह वाकई एक श्राप है? या यह आपको 'शिव' बनाने की एक गुप्त ट्रेनिंग है?
आइये, इस 'जहर' का पोस्टमार्टम करते हैं।
What is Moon Saturn Conjunction?!
जब कुंडली के किसी भी भाव में चंद्रमा (Mind/Emotions) और शनि (Karma/Delay) एक साथ बैठते हैं, तो इसे विष योग / पुनर्फू दोष कहते हैं। यह योग जातक को मानसिक तनाव, कार्यों में देरी, माता को कष्ट और जीवन में निरंतर संघर्ष देता है। हालांकि, आध्यात्मिक उन्नति के लिए यह ज्योतिष का सर्वश्रेष्ठ योग माना जाता है।
1. बचपन और माता: संघर्ष की पहली ईंट (The Childhood Trauma)
कहते हैं 'पूत के पाँव पालने में दिख जाते हैं', लेकिन जिनका शनि-चंद्र साथ हो, उनके पाँव 'संघर्ष' की आग में दिखते हैं।
इस योग को मैं कहता हूँ - "The Welcome Drink of Sade-Sati".
अक्सर देखा गया है कि ऐसे जातक का जन्म ही साढ़ेसाती या ढैया के प्रभाव में होता है। पैदा होते ही शनि देव कान में कह देते हैं - "बेटा, लाइफ आसान नहीं होने वाली, कमर कस ले।"
माँ का सुख और 'मौसम विभाग'
चंद्रमा 'माँ' है और शनि 'दूरी' या 'ठंडक' है। जब ये मिलते हैं, तो माँ के सुख में ग्रहण लगता है।
- दो माताओं का योग: नाड़ी ज्योतिष के अनुसार, अक्सर बच्चे का पालन-पोषण सगी माँ के अलावा कोई और (दादी, नानी, सौतेली माँ) करती है।
- इमोशनल डिस्टेंस: माँ साथ होकर भी साथ नहीं होती। रिश्ता कर्तव्य (Duty) का होता है, ममत्व (Warmth) का नहीं।
- सेहत: माँ की सेहत 'मौसम विभाग' की तरह होती है। कब बिगड़ जाए, कोई नहीं जानता। बचपन इसी डर में गुजरता है कि "माँ को कुछ हो न जाए।"
2. मेंटल हेल्थ: दिमाग में चलता 'वर्ल्ड वॉर 3' (The Psychology)
इस योग का सबसे बुरा असर आपके करियर पर नहीं, आपके दिमाग (Mindset) पर पड़ता है।
कल्पना कीजिये एक चंचल बच्चे (चंद्रमा) को एक सख्त, डंडा लिए हेडमास्टर (शनि) के कमरे में बंद कर दिया जाए।
बच्चा क्या करेगा? डरेगा। सहम जाएगा।
यही हाल आपके मन का होता है।
पुनर्फू दोष (Punarphoo Dosh)/विष योग (Vish Yoga)!
ये लोग विक्स की गोली मुंह में लेकर पैदा होते हैं। सर्दी-जुकाम इनका बेस्ट फ्रेंड है और 'Overthinking' इनका परमानेंट जॉब।
इनके दिमाग में 24x7 एक युद्ध चलता रहता है।
शांति? वो क्या होती है भाई?
अगर बॉस ने सुबह बस इतना कह दिया - "बाद में मिलना", तो शाम तक ये अपनी नौकरी जाने का, ईएमआई बाउंस होने का और सड़क पर आने का पूरा 'सिनेरियो' दिमाग में बना चुके होते हैं।
Low Self-Esteem: कभी-कभी इनका आत्मविश्वास इतना गिर जाता है कि ये अपनी परछाई से भी डरने लगते हैं।
3. करियर: पैरों में गूगल मैप्स और भटकती आत्मा (Career Struggles)
अगर आप चंद्र-शनि युति वाले हैं और एक 'स्थिर सरकारी नौकरी' का सपना देख रहे हैं, तो जाग जाइये।
शनि (कर्म) + चंद्रमा (यात्रा)।
आपका करियर 'गूगल मैप्स' जैसा है - "Rerouting... Rerouting..."
नौकरी का कड़वा सच:
- घर से वनवास: नौकरी वहां लगेगी जहाँ घरवाले चिट्ठी भी 10 दिन बाद पहुंचा पाएं। यानी जन्मस्थान से कोसों दूर। विदेश यात्रा (Foreign Settlement) के लिए यह योग बहुत प्रबल है।
- रेत की तरह नौकरी: करियर में स्थिरता एक सपना है। जैसे ही आपको लगेगा "अब सब सेट है", वैसे ही कंपनी बंद हो जाएगी या बॉस निकाल देगा। "कल से मत आना" सुनना इनके लिए आम बात है।
- बलि का बकरा (Scapegoat): ऑफिस में कॉफ़ी मशीन खराब हो या क्लाइंट भाग जाए - बिल आपके नाम पर ही फटेगा। इल्ज़ामों की बौछार सहने की आदत डाल लीजिये।
प्रो टिप: अगर आप लिक्विड (पानी, केमिकल, दवाइयां), फूड इंडस्ट्री, या कंसल्टिंग (सलाह देना) में जाते हैं, तो यह 'विष' आपके लिए 'अमृत' बन सकता है।
4. शादी और रिश्ते: 'पुनर्फू' का श्राप (The Relationship Matrix)
नाड़ी ज्योतिष में इसे 'पुनर्फू दोष' (Punarphoo Dosh) कहा जाता है।
मतलब? "History Repeats Itself".
रिश्ता पक्का हुआ... फिर टूटा... फिर बात चली... फिर गायब।
शादी में देरी होना तो इनकी 'नेशनल हॉबी' है।
लव लाइफ का रियलिटी चेक:
अगर प्यार हुआ भी, तो ऐसे इंसान से होगा जिसके लिए पूरा समाज और परिवार कहेगा - "बेटा, इससे अच्छा तो तू कुंवारा मर जा।"
(यानी उम्र में बड़ा अंतर, अलग धर्म/जाति, या कोई विधवा/विधुर)।
जीवनसाथी या तो बीमार रहता है, या अपने विचारों से आपको बीमार कर देता है। वैवाहिक जीवन में 'रोमांस' कम और 'जिम्मेदारी' ज्यादा होती है।
5. क्या यह अंत है? (The Turnaround)
इतना डराने के बाद, अब आप पूछेंगे - "गुरुजी, तो क्या हम सुसाइड कर लें?"
बिल्कुल नहीं। पिक्चर अभी बाकी है।
यही वो पॉइंट है जहाँ PSMishra आपको ज्योतिष का असली जादू बताएगा।
भगवान शिव के मस्तक पर क्या है? चंद्रमा।
और शिव क्या हैं? परम वैरागी (शनि का स्वरूप)।
जब चंद्र और शनि मिलते हैं, तो यह सिर्फ 'विष योग' नहीं, बल्कि 'चंद्र-मौली योग' (Shiva Yoga) भी बनाता है।
ये लोग "संघर्ष के महारथी" होते हैं।
शनि इन्हें रगड़-रगड़ कर इतना मजबूत बना देता है कि एक समय के बाद दुःख इनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता। ये 'दशरथ मांझी' बन जाते हैं - "जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं।"
6. अचूक उपाय: जहर को अमृत कैसे बनाएं? (Remedies that Work)
मंदिर में जाकर सिर्फ तेल चढ़ाने से कुछ नहीं होगा। आपको अपनी 'लाइफस्टाइल' बदलनी होगी।
- सेवा (Service): शनि 'मजदूर' है और चंद्रमा 'पानी'। मजदूरों को, सफाई कर्मचारियों को या बुजुर्ग महिलाओं को पानी पिलाना शुरू करें। यह सबसे पावरफुल रेमेडी है।
- शिव आराधना: सोमवार को शिवलिंग पर जल में थोड़ा सा कच्चा दूध और काले तिल मिलाकर चढ़ाएं। (दूध=चंद्रमा, तिल=शनि)।
- देर रात जागना बंद करें: रात (शनि) में जागने से आपका मन (चंद्रमा) और ज्यादा खराब होगा। सूर्योदय से पहले उठना शुरू करें।
- चांदी का गिलास: पानी हमेशा चांदी के गिलास में पियें। यह आपके 'मन' को मजबूत करेगा।
निष्कर्ष: थ्रिलर मूवी का हीरो
आपकी ज़िन्दगी 'करण जौहर' की फिल्म नहीं है जहाँ सब कुछ हैप्पी-हैप्पी हो।
आपकी ज़िन्दगी 'अनुराग कश्यप' की फिल्म है - डार्क है, रीयलिस्टिक है, स्ट्रगल है, लेकिन 'कन्टेन्ट' सॉलिड है।
जीवन भर दुनिया से ठोकर खाने के बाद, अंत में आपको जो सुकून अध्यात्म (Spirituality) में मिलेगा, वो किसी राजा को भी नसीब नहीं होगा।
तो अपने इस 'अकेलेपन' को अपनी ताकत बनाइये।
क्योंकि भीड़ में तो भेड़ें चलती हैं, शेर (शनि) हमेशा अकेला चलता है।
So basically...
Moon-Saturn is not a curse. It is a PhD program in Life.
And only the toughest get admission here.
And As Always
Thanks For Reading!!!
~ PSMishra